Computer Questions and Answer in Hindi For UPPCL TG -2 PART - 2

Computer Questions and Answer in Hindi


101. पेज पर कितने मार्जिन होते हैं? – चार 
102. एक डिजिटल वाच में किस तरह का कंप्यूटर हो सकता है? – इम्बेडेड कंप्यूटर 
103. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन है जो कंप्यूटिंग डिवाइसेज के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है – नेटवर्क 
104. डम्ब टर्मिनल क्या है? – सेंट्रल कंप्यूटर 
105. इंटरनेट का अर्थ है – नेटवर्कों का बड़ा नेटवर्क 
106. बैकअप क्या है? – सिस्टम की इनफॉरमेशन की ठीक वैसी ही प्रतिलिपि 
107. वर्ड का वह फीचर जो कुछ स्पैलिंगों, टाइपिंग, कैपिटल अक्षरों या व्याकरण की त्रुटियों को अपने आप ठीक कर देता है – ऑटोकरेक्ट 
108. स्टोरेज डिवाइस पर जो मुख्य फोल्डर होता है, उसे क्या कहा जाता है? – रूट डाइरेक्टरी 
109. वह चीज, जो निर्देशों को सरलता से समझ गई है, कहलाती है – यूजर फ्रेंडली 
110. वे विशिष्ट प्रोग्राम जो वेब पर आवश्यक सामग्री को ढूंढ़ने में उपयोगकर्ता की मदद करते हैं, कहलाते हैं – सर्च इंजन 
111. वर्ड में किसी डॉक्यूमेंट में किसी विशिष्ट शब्द या मुहावरे को ढूंढ़ने के लिए सबसे सरल और त्वरित तरीका है – फाइंड कमांड का उपयोग करना 
112. इंटरनेट पर सर्वर से कंप्यूटर द्वारा सूचना प्राप्त किए जाने की प्रक्रिया को कहते हैं –  डाउनलोडिंग 
113. ब्रोशर, पोस्टर और न्यूजलैटर बनाने के लिए किस प्रकार का सॉफ्टवेयर सबसे ज्यादा उपयोगी है? – डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर 
114. चैट क्या है? – टाइप की हुई बातचीत जो कंप्यूटर पर घटित होती है 
115. अरिथमेटिक ऑपरेशन – में जमा, घटाना, गुणा और भाग शामिल है। 
116. स्लाइड शो बनाने के लिए किस एप्लीकेशन का इस्तेमाल होता है? – पावरप्वाइंट 
117. जंक ई-मेल का अन्य नाम है? – स्पैम 
118. ई-कॉमर्स के जरिए क्या संभव है? – इंटरनेट पर बिजनेस करना 
119. वर्तमान डॉक्युमेंट में बदलाव क्या कहलाता है? – एडिटिंग 
120. आपस में संबंधित फाइलों का संग्रह क्या कहलाता है? – रिकॉर्ड 
121. अपनी स्थिति से हिलाए न जा सकने वाला मॉडेम क्या कहलाता है? – फिक्सड मॉडेम 
122. किसी डिवाइस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सभी कैरेक्टर्स को क्या कहते है? –  कैरेक्टर सेट 
123. ईमेल एड्रेस याद करने से बचने के लिए क्या इस्तेमाल करना चाहिए? – एड्रेसबुक 
124. मॉडेम का कनेक्शन किसके साथ किया जाता है? – फोनलाइन 
125. कंप्यूटर से जुड़े KB का क्या अर्थ है? –किलोबाइट 
126. डाटा प्रोसेसिंग का क्या अर्थ है? – वाणिज्यिक उपयोग के लिए जानकारी तैयार करना 
127. प्रोसेस्ड डेटा को क्या कहते हैं? – आउटपुट 
128. सीपीयू के एएलयू में होते हैं – रजिस्टर 
129. प्रोसेसर के तीन मुख्य भाग होते हैं – ALU,कंट्रोल यूनिट और रजिस्टर 
130. माइक्रोप्रोसेसर जो कंप्यूटर का मस्तिष्क होता है, उसे कहा जाता है – माइक्रोचिप 
131. माइक्रो प्रोसेसर किस पीढ़ी का कंप्यूटर है? –चतुर्थ 
132. कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है? – चार्ल्स बैवेज 
133. चुम्बकीय डिस्क पर किस पदार्थ की परत होती है? – आयरन ऑक्साइड 
134. एक्सपैंशन कार्ड में इन्सर्ट किए जाते हैं – स्लॉट 
135. इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेन्ट वाले थिन प्लेट या बोर्ड को कहते हैं – सर्किट बोर्ड 
136. वह सर्किट बोर्ड जिसमें सीपीयू और अन्य चिप होते हैं, उसे कहा जाता है – मदरबोर्ड 
137. विशेष प्रकार के संगीत उपकरणों को साउंड कार्डों से कौन-सा पोर्ट जोड़ता है? – MIDI  
138. पास्कल है – कंप्यूटर की एक भाषा 
139. प्रोग्रामन हेतु विकसित की गई सर्वप्रथम भाषा कौन है? – फोरट्रॉन 
140. वे वड्र्स जिन्हें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ने अपने स्वयं के उपयोग हेतु अलग रखा है – रिजर्वड  वड्र्स
141. प्रोग्राम हेतु विकसित की गई सर्वप्रथम भाषा – फोरट्रॉन 
142. वे वड्र्स जिन्हें प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ने अपने स्वंय के उपयोग हेतु अलग रखा है – रिजर्वड  वड्र्स 
143. प्रोग्राम हेतु विकसित की गई सर्वप्रथम भाषा –फोरट्रॉन 
144. किसी प्रोग्राम का चित्र के रूप में प्रदर्शन कहलाता है – फ्लोचार्ट 
145. कंप्यूटर भाषा FORTRAN किस क्षेत्र में उपयोगी है? – विज्ञान 
146. कंप्यूटर भाषा COBOL किसके लिए उपयोगी है? – व्यावसायिक कार्य 
147. मशीन लैंग्वेज प्रयोग करती है – न्यूमैरिक कोड 
148. मल्टीमीडिया वेबपेज वेबसाइट और वेब आधारित एप्लिकेशन विकसित करने के लिए
सबसे लोकप्रिय लैंग्वेज होती है – जावा 
149. इंटरनेट में प्रयुक्त कंप्यूटर लैंग्वेज है – जावा 
150. यूनिक्स नामक ऑपरेटिंग प्रणाली विशेष रूप में प्रयोग में लाई जाती है – वेब सर्वर्स में
151. किस प्रिंटर द्वारा एक स्ट्रोक में एक अक्षर प्रिंट होता है? – डाट मैट्रिक्स प्रिंटर 
152. कम्पाइलर कंप्यूटर की किस प्रकार की भाषा है? – निम्नस्तरीय भाषा 
153. कौन-सा सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के हार्डवयेर को नियंत्रित करता है? – सिस्टम 
154. कंप्यूटर में काम करने के लिए किस सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है? – एप्लिकेशन
155. स्प्रेडशीट में जिस प्वाइंट पर कॉलम और रोइंटरसेक्ट करते हैं, उसे क्या कहते हैं? –  Cell 

156. ट्रैकबॉल किसका उदाहरण है? – प्वाइंटिंग डिवाइस 
157. यदि आपका कंप्यूटर खुद को रीबूट करता रहता हैं तो संभावना है कि – इसमें वायरस हैं
158. कमांडो की वे सूचियां जो स्क्रीन पर प्रकट होती हैं – मीनू 

159. हार्ड डिस्क से डिलीट की गई फाइलें कहाँ भेजी जाती हैं? – रीसाइकिल बिन 
160. E.D.P. क्या है? – इलेक्ट्रॉनिक डेटा प्रोसेसिंग 
161. भारत में निर्मित परम कंप्यूटर किस प्रकार का कंप्यूटर है? – सुपर कंप्यूटर 
162. माइक्रोप्रोसेसर किस पीढ़ी का कंप्यूटर है? – चतुर्थ 
163. की बोर्ड में ‘फक्शन-की’ की संख्या कितनी होती है? – 12 
164. कंप्यूटर से पढ़े जाने वाले अलग-अलग लंबाई-चौ ड़ाई की लाइनों वाले कोड को कहते हैं – 
बार कोड 
165. किस प्रिंटर द्वारा स्ट्रोक से अक्षर प्रिंट होता है? – डाट मैट्रिक्स प्रिंटर
166. इंटरनल स्टोरेज किस प्रकार का स्टोरेज है? –प्राइमरी 

167. सेल फोनों में किस प्रकार के स्टोरेज डिवाइसों का उपयोग किया जाता है? – फ्लैश
168. डिस्क को ट्रैकों और सेक्टरों में विभाजित करने की प्रक्रिया क्या है? – फार्मेटिंग
169. रैम वोलाटाइल मेमोरी है क्योंकि – डाटा रिटेन करने के लिए इसे सतत पावर सप्लाई  की जरूरत होती है 

170. प्रोग्रामों का सेट, जो निर्माण के समय कंप्यूटर के रीड ओनली मेमोरी में प्री-इन्स्टाल होता है –फर्मवेयर 
171. भाषा जिसे कंप्यूटर बिना ट्रांसलेशन प्रोग्राम के समझता है, कहलाती है – मशीनी भाषा
172. स्टोरेज का सबसे बड़ा यूनिट – टेरा बाइट 

173. आठ लगातार बिटों की सीरीज को क्या कहा जाता है? – बाइट 
174. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर प्रयोग करते थे – वैक्यूम ट्यूब 
175. कंप्यूटर वाइरस केवल एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है, जो मुख्यतया नष्ट करते हैं – प्रोग्रामों  को
176. गूगल क्या है? – सर्च इंजन 

177. आधुनिक डिजिटल कंप्यूटरों में किस पद्धति का उपयोग किया जाता है? – द्वि–आधारी  अंक पद्धति 
178. अरनेट क्या है? – एक कंप्यूटर नेटवर्क 
179. नई स्लाइड के लिए कीबोर्ड शॉर्टकट क्या है? – Ctrl+N 
180. परस्पर संबंधित रिकॉर्ड के समूह को कहते हैं – डाटाबेस 
181. xlsx एक्सटेंशन का प्रयोग किस तरह की फाइलों के लिए किया जाता है? – एक्सेल 
182. ओपन, प्रिंट और सेव सभी बटन स्थित होते हैं – स्टैंडर्ड टूल बार पर 
183. स्प्रेडशीट में जिस प्वाइंट पर कॉलम और रो इंटरसेक्ट करते हैं, उसे कहते हैं – सेल
184. वर्ड डाक्यूमेंट का डिफाल्ट फाइल एक्सटेंशन क्या है? – DOC 

185. टास्कबार स्थित होता है – स्क्रीन के बॉटम पर 
186. कंप्यूटर के स्क्रीन पर ब्लिंक करने वाले प्रतीक को कहते हैं – कर्सर 
187. जंक ई-मेल को कहते हैं – स्पैम 
188. URL क्या होता है? – वर्ल्ड वाइड वेब पर डाक्युमेंट या पेज का एड्रेस 
189. फाइलों को ट्रांसफर करने और संदेशों का आदान-प्रदान करने के लिए किस यूटिलिटी का प्रयोग होता है – ई–मेल 
190. शिक्षा संस्थान सामान्यतया अपने डोमेन नाम में किसका प्रयोग करता है? – .edu 
191. ई-कॉमर्स क्या है? – इंटरनेट पर उत्पादों तथा सेवाओं का क्रय व विक्रय 
192. इंटरनेट से संबंधित एफ.टी.पी. शब्द का मतलब है – फाइल ट्रान्सफर प्रोटोकॉल 
193. भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई? – 15अगस्त, 1995 
194. भारत में सर्वप्रथम किस राज्य ने इंटरनेट पर टेलीफोन डायरेक्टरी उपलब्ध कराई है? –  सिक्किम
195. MICR में C का पूरा नाम क्या है? – कैरेक्टर 

196. OCR का पूर्ण रूप क्या है? – Optical Character Recognition 
197. कितने किलोबाइट मसे एक मेगाबाइट बनता है? – 1024
198. बाइनरी सिस्टम एक नंबर सिस्टम है जिसका आधार है – 2 
199. ASCII में कैरेक्टर निर्मित किए जा सकते हैं – 256 
200. वर्चुअल मेमोरी क्या होती है? – हार्ड डिस्क की मेमोरी जिसे CPU एक्सटेंडेड रैम की तरह प्रयोग करता है

सौर सेल

सौर सेल


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मोनोक्रिस्टलाइन सिलिकॉन वैफ़र से बना सौर सेल
सौर बैटरी या सौर सेल फोटोवोल्टाइक प्रभाव के द्वारा सूर्य या प्रकाश के किसी अन्य स्रोत से ऊर्जा प्राप्त करता है। अधिकांश उपकरणों के साथ सौर बैटरी इस तरह से जोड़ी जाती है कि वह उस उपकरण का हिस्सा ही बन जाती जाती है और उससे अलग नहीं की जा सकती। सूर्य की रोशनी से एक या दो घंटे में यह पूरी तरह चार्ज हो जाती है। सौर बैटरी में लगे सेल प्रकाश को समाहित कर अर्धचालकों के इलेक्ट्रॉन को उस धातु के साथ क्रिया करने को प्रेरित करता है।[1] एक बार यह क्रिया होने के बाद इलेक्ट्रॉन में उपस्थित ऊर्जा या तो बैटरी में भंडार हो जाती है या फिर सीधे प्रयोग में आती है। ऊर्जा के भंडारण होने के बाद सौर बैटरी अपने निश्चित समय पर डिस्चार्ज होती है। ये उपकरण में लगे हुए स्वचालित तरीके से पुनः चालू होती है, या उसे कोई व्यक्ति ऑन करता है।

सौर सेल का चिह्न

एक परिकलकमें लगे सौर सेल
अधिकांशतः जस्ता-अम्लीय (लेड एसिड) और निकल कैडमियम सौर बैटरियां प्रयोग होती हैं। लेड एसिड बैटरियों की कुछ सीमाएं होती हैं, जैसे कि वह पूरी तरह चार्ज नहीं हो पातीं, जबकि इसके विपरीत निकल कैडिमयम बैटरियों में यह कमी नहीं होती, लेकिन ये अपेक्षाकृत भी होती हैं। सौर बैटरियों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में भी प्रयोग करने हेतु भी गौर किया जा रहा है। अभी तक, इन्हें केवल छोटे इलैक्ट्रॉनिक उपकरणों में प्रयोगनीय समझा जा रहा है।[1] पूरे घर को सौर बैटरी से चलाना चाहे संभव हो, लेकिन इसके लिए कई सौर बैटरियों की आवश्यकता होगी। इसकी विधियां तो उपलब्ध हैं, लेकिन यह अधिकांश लोगों के लिए अत्यधिक महंगा पड़ेगा। बहुत से सौर सेलों को मिलाकर (आवश्यकतानुसार श्रेणीक्रम या समानान्तरक्रम में जोड़कर) सौर पैनल, सौर मॉड्यूल, एवं सौर अर्रे बनाये जाते हैं। सौर सेलों द्वारा जनित उर्जा, सौर उर्जा का एक उदाहरण है।


    विकास[संपादित करें]


    विभिन्न प्रकार के सौर सेल
    बेहद छोटे उपकरणों जैसे परिकलक में भी सौर बैटरियों का प्रयोग है, लेकिन उनमें लगी बैटरियां काफी छोटी होती हैं और अधिक ऊर्जा संग्रहित नहीं कर पातीं। फिर भी यह ऊर्जा प्रवाह के लिये प्रायः प्रयोगनीय तरीके जैसे तारों आदि से छुटकारा दिलाती हैं। अतः इस अर्थ में ये बेहतर है। विज्ञान पत्रिका साइंस-डेली में छपी रिपोर्ट के अनुसार स्वानसी विश्वविद्यालय के डेव वर्सली लचीले इस्पात के सतह को रंगने का तरीका ढूंढ रहे हैं। इससे वर्तमान सौर सेलों की तुलना में कई गुना ज्यादा ऊर्जा का उत्पादन हो सकता है। href="https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%B0_%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B2#cite_note-2" style="background-attachment: initial; background-clip: initial; background-image: none; background-origin: initial; background-position: initial; background-repeat: initial; background-size: initial; color: #0b0080; text-decoration-line: none;">[2]

    कार्बनिक सेल[संपादित करें]

    दक्षिण फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक सेंटीमीटर से भी छोटा सौर सेल बनाया है। इन्हें कार्बनिक सौर सेल या पॉलीमर सेल भी कहते हैं।[3][4] इन २० सेलों को कतारबद्ध कर एक इकाई में जोड़ा जा सकता है, जो छोटी सूक्ष्मदर्शी मशीनों को उर्जा प्रदान कर सकती है। पारम्परिक सौर सेल सिलिकॉन से बनाए जाते हैं लेकिन ये नेनो सौर सेल कार्बनिक पॉलीमर से बनाए गए हैं जिनके विद्युत गुण सिलिकॉन जैसे ही होते हैं। इनका प्रमुख लाभ ये है कि इन्हे किसी भी पदार्थ पर छिड़का जा सकता है, यानि कि कार की छत पर भी इस पॉलीमर का छिडकाव कर इस तरह के सौर सेल चिपकाए जा सकते है। इस समय इस तरह के सेल ७ वॉट विद्युत पैदा कर सकते हैं। वैज्ञानिक प्रयासरत हैं कि इनकी क्षमता को और बढाया जा सके जिससे भविष्य में ऐसे सेलों का अधिकाधिक उपयोग किया जा सके। id="cite_ref-5" style="line-height: 1; unicode-bidi: isolate; white-space: nowrap;">[5]

    कार्बन नैनोट्यूब से[संपादित करें]

    प्रकाश विद्युत प्रभाव में सिलिकॉन की अपेक्षा कार्बन नैनोट्यूब का प्रयोग एक उन्नत विकल्प के रूप में उभरा है। इस खोज से सौर सेलों में आपेक्षिक सुधार होगा। कॉर्नेल के शोधकर्ताओं ने फोटोडायोड कहे जाने वाले सरल सौर सेल का कार्बन नैनोट्यूब से निर्माण एवं प्रयोगशाला परीक्षण द्वारा उनकी कार्य-प्रणाली को पूर्णरूप से सुनिश्चित किया गया है। शोध समूह के प्रमुख सदस्य पौल मैकईयुएन भौतिकी के प्राध्यापक हैं व जीवूंग पार्क रसायनशास्त्र और रसायनिक जीव विज्ञान के सहायक प्राध्यापक हैं। इस शोध में नयी फ़ोटोडायोड द्वारा प्रकाश को विद्युत में अंतरण करने की प्रभावशाली प्रकिया और बहने वाली विद्युत धारा में कई गुना वृद्धि दर्शायी गयी है। सौर सेल में सिंगल-वॉलड कार्बन नैनोट्यूब का प्रयोग किया है जो मूलत: एक ग्रैफीन की बेलनाकार चादर है। लगभग डी.एन.ए. अणु के बराबर आकार वाली नैनोट्यूब को दो विद्युत संपर्कों के बीच तार से जोड़ा गया है जो दो विद्युत द्वारों पर बंद होती है जिसमें से एक ऋणावेशी और दूसरा धनावेशित है। इस का आधार पहले हुई एक शोध है जिसमें वैज्ञानिकों ने सिंगल-वॉलड नैनोट्यूब का प्रयोग करके एक डायोडबनाया था जो एक सरल ट्रांजिस्टर है और विद्युत धारा को केवल एक दिशा में बहने देता है। इस बार कॉर्नेल शोध समूह ने इसका प्रकाश पर प्रभाव प्रयोग किया है। नैनोट्यूब के विभिन्न क्षेत्रों पर अलग-अलग रंग की लेज़र चमकाने पर फोटोन ऊर्जा के उच्च स्तर पर उत्पन्न होने वाली विद्युत धारा के गुणक प्रभाव पड़ता है, यानि विद्युत धारा में बढ़ोत्तरी होती है। यही विद्युत ऊर्जा भंडार की जाती है।[6]

    तुल्यकालिक मोटर

    तुल्यकालिक मोटर

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    त्रिफेजी तुल्यकालिक मोटर के रोटर का घूमना : स्टेटर में एक घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र बनता है जो तीनों वाइण्डिग्स के द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के योग के बराबर होता है।

    त्रिफेजी तुल्यकालिक मोटर का टॉर्क-स्पीड वक्र

    त्रिफेजी तुल्यकालिक मोटर के रोटर का घूमना : स्टेटर में एक घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र बनता है जो तीनों वाइण्डिग्स के द्वारा उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के योग के बराबर होता है।

    त्रिफेजी तुल्यकालिक मोटर का टॉर्क-स्पीड वक्र
    तुल्यकालिक मोटर या सिन्क्रोनस मोटर प्रत्यावर्ती धारा से चलने वाली विद्युत मोटर है। इसका नाम तुल्याकालिका मोटर या सिन्क्रोनस मोटर इस कारण है क्योंकि इसके रोटर की घूर्णन गति ठीक-ठीक उतनी ही होती है जितनी स्टेटर में निर्मित घूर्णी चुम्बकीय क्षेत्र (rotating magnetic field) की गति होती है। इस मोटर का उपयोग प्रायः किसी लोड को घुमाने में नहीं किया जाता बल्कि शक्ति गुणांक को सुधारने में किया जाता है। विशेष स्थितियों में इसका उपयोग लोड चलाने में भी किया जाता है।
    सिन्क्रोनस चाल,
    जहाँ:
    • f: स्टेटर में लगायी गये प्रत्यावर्ती वोल्टेज की आवृत्ति (Hz)
    • p: मोटर के ध्रुवों (पोल्स) की संख्या
    • n: रोटर की चाल (चक्कर प्रति मिनट)


      संरचना[संपादित करें]


      तुल्यकालिक मोटर के अन्दर की संरचना
      तुल्यकालिक मोटर के मुख्य भाग हैं- स्टेटर और रोटर। इसकी स्टेटर भी प्रेरण मोटर के समान ही होती है जिस पर तीन-फेजी वाइण्डिंग की गयी होती है। रोटर पर या तो स्थायी चुम्बक से चुम्बकीय क्षेत्र पैदा किया जाता है या रोटर पर निर्मित विद्युतचुम्बकों में डीसी देकर पैदा किया जाता है। बाहर से इस डीसी को रोटर पर लाने के लिये स्लिप रिंग का प्रयोग करना पड़ता है। बड़ी-बड़ी मोटरों में उसी शैफ्ट पर एक डी सी जनित्र बैठा दिया जाता है। इससे प्राप्त डीसी को रोटर पर बने विद्युत्चुम्बकों को दिया जाता है।
      रचना के आधार पर रोटर दो तरह के होते हैं-
      1. सैलिएण्ट रोटर
      2. बेलनाकार रोटर

      उपयोग[संपादित करें]

      शक्ति गुणांक को उन्नत बनाने के लिये[संपादित करें]


      तुल्यकालिक मोटर के वी-कर्व' (इनका आकार अंग्रेजी अक्षर V से मिलते हैं।)
      तुल्यकालिक मोटर को 'ओवर-इक्साइट' करके चलाने पर इसके द्वारा ली गयी धारा इसके वोल्टेज से अग्रगामी (लीडिंग) होती है। इसी आधार पर यह शक्ति गुणांक को बढाने के लिये उपयोग में लाया जा सकता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि यदि लोड का शक्ति-गुणांक परिवर्तित हो रहा हो तो इस मोटर की फिल्ड-वाइडिंग की धारा को परिवर्तित करके इसके द्वारा ली जाने वाली धारा का शक्ति-गुणांक भी इस प्रकार परिवर्तित किया जा सकता है कि लोड तथा यह तुल्यकालिक मोटर का सम्मिलित शक्ति-गुणांक १ हो जाय।
      तुल्यकालिक मोटर का वी-वक्र सामने के चित्र में दिखाया गया है। इससे स्पष्त होता है कि रोटर का फिल्ड इक्साइटेशन बदलने पर इसके स्टेटर से ली गयी धारा का फेज बदलता है।

      स्टार्ट करने की विधियाँ[संपादित करें]

      • बहुत छोटी तुल्यकालिक मोटरें (जिनके रोटर का जड़त्वाघूर्ण बहुत कम होता है) सप्लाई लगाते ही चालू हो जाती हैं और बहुत अल्प समय में सिन्क्रोनस स्पीड पर चली जातीं हैं।
      • किन्तु मध्यम और बड़े आकार की तुल्यकालिक मोटरें सेल्फ-स्टार्टिंग नहीं होतीं। इन्हें नीचे दी गयीं विभिन्न विधियों से चालू किया जाता है।
      • कुछ बड़ी मोटरें किसी अन्य मोटर से घुमाकर सिन्क्रोनस स्पीड तक ले जायी जातीं है। किन्तु अभी तक इन पर लोड नहीं लगाया जाता। सिन्क्रोनस स्पीड पर पहुंचने पर इनके स्टेटर और रोटर को इक्साइट कर दिया जाता है, पोनी मोटर को बन्द कर दिया जाता है, लोड लगा दिया जाता है।
      • कॉमर्शियल आवृत्ति (जैसे ५० हर्ट्स) पर काम करने वाली बड़ी तुल्यकालिक मोटरों के रोटर में 'स्क्वैरेल केज' वाइण्डिग भी होती है। इसके कारण यह मोटर इण्डक्सन मोटर की तरह काम करते हुए त्वरित होकर सिन्क्रोनस स्पीड के आसपास पहुंचती है। इसके बाद इसकी फिल्ड वाइण्डिंग को इक्साइट किया जाता है और मोटर सिन्क्रोनस स्पीड पकड़ लेती है। इस तरह की मोटरों की रोटर पर लगी 'स्क्वैरेल केज' वाइण्डिग का एक और लाभ भी है- यह चलते समय मोटर के रोटर में होने वाले झटकों (oscillations) को डैम्प करने में यह मदद करता है।
      • आजकल परिवर्ती आवृत्ति ड्राइव (VFD) भी आ गयी हैं। इनसे चलने वाली मशीने शून्य चाल से शुरू होकर धीरे-धीरे त्वरित होती हैं। जैसे जैसे चाल बडती जाती है, इनकी आवृति क्रमशः बढायी जाती है। अन्ततः यह अन्तिम आवृत्ति और उसके संगत सिन्क्रोनस स्पीड पर चलने लगती है।

      तुल्यकालिक मोटरोंके प्रकार[संपादित करें]

      1. तीन फेजी एसी तुल्यकालिक मोटर (Three-phase AC synchronous motors)
      2. Synchronous brushless wound-rotor doubly fed electric machine
      3. स्टेपर मोटर (Stepper motor) - यह सिन्क्रोनस भी हो सकती है और नहीं भी।
      4. रिलक्टैन्स मोटर (Reluctance motor) - यह सिन्क्रोनस भी हो सकती है और नहीं भी।